श्रवण जी! अब क्या बचा है? भरोसा तो उठ चुका है
आज भास्कर में श्रवण गर्ग की विशेष टिप्पणी "डर त्रासदी का नहीं भरोसा उठ जाने का है", मुखपृष्ठ पर प्रकाशित हुई है। आप इस टिप्पणी को उस के शीर्षक पर चटका लगा कर पूरा पढ़ सकते हैं। यहाँ उस का अंतिम चरण प्रस्तुत है--हकीकत तो यह है कि अपनी हिफाजत को लेकर...
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दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
bhopal-genocide
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[10 Jun 2010 08:16 AM]



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