वैष्णव जन
(कई दिनों से कबाड़खाना पर कोई माल नहीं आया … तो लीजिये पढ़िये अंशु मालवीय की एक कविता उसके संकलन दक्खिन टोला से) वैष्णव जन
आखेट पर निकले हैं!
उनके एक हाथ में मोबाइल है
दूसरे में देशी कट्टा
तीसरे में बम
और चौथे में है दुश्मनों की लिस्ट. वैष्णव जन
आखेट...
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अशोक कुमार पाण्डेय
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[10 Jun 2010 04:08 AM]



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