ऐसा एक नहीं है बाकी

गीत कलश रीत गये हैं शब्द कोश के सारे शब्द आज लगता हैकरे रूप से न्याय तुम्हारे, ऐसा एक नहीं है बाकीफूल, पांखुरी,भंवरे तितली, रंग लुटाती केसर क्यारीचम्पा, जूही, रजनीगंधा, गंधों में डूबी फुलवारीनदिया लहरें तट का गुंजन और तरंगित झरता झरनानिंदिया रातें सपने... [पूरी पोस्ट]
writer राकेश खंडेलवाल
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[09 Jun 2010 22:09 PM]

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