केरल में मस्ती भरी एक शाम
इस वर्ष दुबारा केरल जाना हुआ. वह भी मई के महीने में. रेलगाड़ी का सफ़र तो सुखदायी रहा परन्तु वहां पहुँचने पर जो अनुभूति हुई उसकी कल्पना से ही डर लगता है. वैसे तापमान तो अधिक नहीं कहा जा सकता था, लगभग ३८-४० के करीब, लेकिन तटीय प्रदेश होने से उमस अत्यधिक थी...
[पूरी पोस्ट]
पा.ना. सुब्रमणियन
Travel
18
0
0
0
18
[09 Jun 2010 20:30 PM]



Shuffle







