जीवन ऊर्जा का क्रिड़ा स्थल: तनाव न पाले

उठो! जागो! हमारा जीवन ऊर्जा की बहती नदी समान है। हमारी सारी क्रियाएं, सोच व भावों का आधार ऊर्जा है। मनुष्य इन ऊर्जाओं का जोड़ है। जीवन ऊर्जाओं का खेल है।सफलता असफलता बहुत महत्वपूर्ण नहीं है। यह हमारी सोच पर निर्भर है। अन्यथा सब ऊर्जा का अभिव्यक्तिकरण है। इसलिए यहाँ... [पूरी पोस्ट]
writer jayantijain
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[09 Jun 2010 08:39 AM]

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