पनवाड़ी या इंजिनियर या वकील... काबिल कौन

मेरी दुनिया मेरा जहां.... एक बार एक रिटायर्ड मास्टर जी अपनी टूटी सायकिल को बनवाने के लिए दूकान पर व्यस्त थे, तभी उनका एक शुभचिंतक उनको देख कर मिलने चला आया और उनके बीच का वार्तालाप सुनिए.शुभचिंतक :- मास्टर जी कहं सायकिल के पीछे लगे हो, आपके बेटे तो सुना काफी तरक्की कर चुके... [पूरी पोस्ट]
writer देव कुमार झा
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[09 Jun 2010 06:29 AM]

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