पागल प्रेमी

anubhav देखो आकाश मेंघना अँधेरा छाया है ।लगता है कोई प्रेमीबादल बन आया है ।इसके मन भावन रूप परधरती मोहित हो जाएगी ।प्रेम की प्यासी अपना आँचल फैलाएगी ।और अमृत की वर्षा मेंआकंठ डूब जाएगी ।ऑंखों में रंग और ओठों पे मधुर गीतआया है ।लगता है कोई प्रेमीबादल बन आया है ।... [पूरी पोस्ट]
writer शोभा
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[09 Jun 2010 00:40 AM]

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