गम में लिखे मैंने गीत
उछला-कूदा खुशी में –हरदम-गम में लिखे मैंने गीतपा जगत का प्यार एक दिनमन था फूला न समायामैं मदमाता फिर रहा था तू अचानक पास आयाछूने को बढ़े जब हाथ मेरेतू तोड़ चला मेरी भावुक प्रीतउछला-कूदा खुशी में –हरदम-गम में लिखे मैंने गीतमधु- मौसम था मन में...
[पूरी पोस्ट]
डॉ. राजेश नीरव
14
1
0
1
7
[08 Jun 2010 23:02 PM]



Shuffle








