भोपाल कांड और इन्सान ?

सीधी खरी बात.. भोपाल कांड में बहुत प्रतीक्षा के बाद जो फैसला आया उसे किसी भी तरह से संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है  पर देश के कानून से आगे जाकर न्यायपालिका किस तरह से काम कर सकती है ? देश के वर्तमान कानूनों के तहत इससे अधिक सज़ा की गुंजाईश ही नहीं थी जो कुछ भी किया... [पूरी पोस्ट]
writer डा०आशुतोष शुक्ल

bhopal-genocide

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[08 Jun 2010 20:36 PM]

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