प्रस्ताव और स्तुति
किसी योजना की शुरुआत प्रस्ताव रखने से होती है अर्थात कार्ययोजना का परिचय, उसकी तारीफ ही प्रस्ताव है। यूं आप्टे कोश के मुताबिक प्रस्ताव का अर्थ है प्रवचन का प्रयोजन। किसी योजना अथवा कार्यक्रम के परिचय के लिए हिन्दी में प्रस्तावना, भूमिका या आमुख जैसे शब्द...
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अजित वडनेरकर
कविता
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[08 Jun 2010 16:43 PM]



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