तुझे तेरे शहर में. दिल से तलाश करता हूँ...

समयचक्र तुझे तेरे शहर में. दिल से तलाश करता हूँदोस्तों आस.- वादे के मिलन की करता हूँ.प्यारे दोस्तों.....मेरी ये अजीब फितरत हैमिलन चाहत की प्यास दिल में पैदा करता हूँ.... [पूरी पोस्ट]
writer महेन्द्र मिश्र
views
49
upvote
4
downvote
0
rating
4
comments
24
[08 Jun 2010 14:46 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix