इति मूत्राभिषेक!

राजू बिन्दास! वो रातें अभी भी मुझे याद हैं. सुस्सू वाली रात के बाद की सहर (सुबह), कहर बन कर टूटती थी मेरे कोमल मन पर. मेरी तरह आप भी तो बिस्तर पर सुस्सू करते बड़े हुए होंगे. अब सुस्सूआएगी तो करेंगे ही. कभी साफ टॉयलेट में, कभी गंदे टायलेट में, कभी दीवार पर, कभी किसी... [पूरी पोस्ट]
writer rajiv

सुस्सू वाली रात

views
36
upvote
5
downvote
1
rating
4
comments
13
[08 Jun 2010 13:28 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix