वो बूढी जाटणी दादी

ज्ञान दर्पण चेहरे पर झुर्रियां ,थोड़ी झुकी हुई कमर और लाठी के सहारे चलती , लेकिन कड़क आवाज वाली उस बूढी जाटणी दादी की छवि आज वर्षों बाद भी जेहन में ज्यों कि त्यों बनी हुई है | गांव से बाहर लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित अपने खेत में बनी ढाणी के बाहर हाथ में लाठी... [पूरी पोस्ट]
writer Ratan Singh Shekhawat

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[08 Jun 2010 11:47 AM]

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