कोयल

My Feelings... सुबह आँख खुलतेसुनती हूँ कोयल की कूकमुझे कोई अपना याद नहीं आतामैं तो बस कोयल की मिठास और उसके बदलते अंदाज में खो जाती हूँकोयल गाती हैफिर जोर से बोलती हैमैं उसकी हर अभिव्यक्ति को सुनती हूँएक गीत, एक पुकार, एक झल्लाहट ..क्या नहीं होता उसके तेवर में !कहती है... [पूरी पोस्ट]
writer रश्मि प्रभा...

सर्वाधिकार सुरक्षित

views
24
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
40
[08 Jun 2010 10:39 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix