सिमटी हुई ये घड़ियाँ फिर से न बिखर जायेँ

चित्रगीत * फ़िल्म - चम्बल की कसम (१९७९) * गायक/गायिका - मो रफी और लता मंगेशकर * संगीतकार - खय्याम * गीतकार -साहिर लुधियानवील : सिमटी हुई ये घड़ियाँफिर से न बिखर जायेँ -२र : इस रात में जी लें हमइस रात में मर जायेँदो : इस रात में मर जायेँसिमटी हुई ये घड़ियाँर : अब... [पूरी पोस्ट]
writer निशांत मिश्र - Nishant Mishra
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[08 Jun 2010 10:44 AM]

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