इश्क़-ए-हक़ीक़ी में अन्नपूर्णा देवी
4 जून के स्क्रीन में अन्नपूर्णा देवी पर एक खुबसूरत आर्टिकल पढ़ा...... खुबसूरत से अच्छा और कोई शब्द फिलहाल मिल नहीं रहा है...... क्योंकि उस अनुभूति को जिसे मैंने पढ़ने के दौरान और आज तक जी रही हूँ, शब्द नहीं दे पा रही हूँ, इसलिए फिलहाल सिर्फ खुबसूरत शब्द...
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डॉ. अमिता नीरव
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[08 Jun 2010 10:22 AM]



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