आज तक ....!!! नही मिली ..
आज तक वो नही मिली ,जिसकी दरकार थी , झूठी निकली मेरी तमन्ना ,पीड़ मिली हार बार थी ॥ तिनका -तिनका जोड़ परिंदों ने, घर अपना बना लिया , ना मिला कोई मेरे घर को,वैसे इनकी भरमार थी ॥ जब तक उसने मुड कर देखा ,तब तक हम दूर थे , मुड कर उन तक जा ना सके ,पैर बहुत...
[पूरी पोस्ट]
कमलेश वर्मा
10
1
0
1
5
[08 Jun 2010 08:55 AM]



Shuffle








