पुकार.....

RAKESH JAJVALYA  राकेश जाज्वल्य चलो उन पर्वतों के ऊपर... सबसे ऊपर जहाँ सिर्फ आसमान है, और या फिर खुदा है, आसमानों के भी ऊपर. अब पुकारों उन्हें, उम्मीद है.... यहीं हो पायेगी उनसे बातें, मांगों जो भी चाहते हो, मांगों जिसे भी चाहते हो, मांगों फूल, खुशियाँ, प्यार, ताजी हवा, समय पर बारिश,... [पूरी पोस्ट]
writer RAKESH JAJVALYA राकेश जाज्वल्य

kavita

views
11
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
3
[08 Jun 2010 01:09 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix