पुकार.....
चलो उन पर्वतों के ऊपर... सबसे ऊपर जहाँ सिर्फ आसमान है, और या फिर खुदा है, आसमानों के भी ऊपर. अब पुकारों उन्हें, उम्मीद है.... यहीं हो पायेगी उनसे बातें, मांगों जो भी चाहते हो, मांगों जिसे भी चाहते हो, मांगों फूल, खुशियाँ, प्यार, ताजी हवा, समय पर बारिश,...
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RAKESH JAJVALYA राकेश जाज्वल्य
kavita
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[08 Jun 2010 01:09 AM]



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