नाइंसाफी की रात और खुशगवार मौसम
दसवीं मंज़िल की खिड़कियों से हवा बालकनी में उड़ी आ रही है। दिल्ली की आज की सुबह खुशनुमा है। शाम से ही हवा बदलने लगी थी। भोपाल से आने वाली हवा के असर को कम करने के लिए। हम ऐसे ही वक्त में रूमानी हो जाया करते हैं। दिल को बहलाने लगते हैं। लाखों लोगों की चीख...
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ravish kumar
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[07 Jun 2010 23:39 PM]



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