''काव्योत्सव'' में आज आचार्य संजीव 'सलिल'
आचार्य संजीव 'सलिल', संपादक दिव्य नर्मदाई मेल; सलिल.संजीव@जीमेल.कॉमsalil.sanjiv@gmail.com अम्ब विमल मति देहे हंस वाहिनी! ज्ञानदायिनी!!अम्ब विमल मति दे.....नन्दन कानन हो यह धरती।पाप-ताप जीवन का हरती।हरियाली विकसे.....बहे नीर अमृत सा पावन।मलयज शीतल शुद्ध...
[पूरी पोस्ट]
माणिक
kavyotas-2010 by apnimaati
14
1
0
1
6
[07 Jun 2010 22:49 PM]



Shuffle








