दिल में उमीदें जगाओ तो सही!
-उमेश पाठकमित्रों बदलते मौसम की तरह वक्त के साथ इन्सान की सोच भी बदलती है!हमारी सोच कही न कही से हमारे अपने व्यक्तित्व को परिलक्षित करती है !किसी शायर ने कहा है-वक्त के साथ तो हालात भी बदलता है!ज़हीन वो है जो ज़माने के साथ चलता है !आज कुछ ऐसी ही पंक्तिया...
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Umesh Pathak / उमेश पाठक
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[07 Jun 2010 21:34 PM]



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