" तो फिर बात बने'"
आज की रात बडी देर के बाद आयी है,रात जो देर से बीते, तो फिर बात बने....बीत जाती है घडी मिलने की बहुत जल्दी,वक्त रूक जाए उनके आते, तो फिर बात बने....गिले शिकवे में बीतते हैं कीमती लम्हे,आंखो-आंखों में जो हो बात, तो फिर बात बने....बातें रहती हैं ढेरों उनसे...
[पूरी पोस्ट]
बालमुकुन्द अग्रवाल,पेंड्रा
15
0
0
0
0
[07 Jun 2010 15:38 PM]



Shuffle








