माणिक की कविता -''बदलते समीकरण ''

अपनी माटी Share(विस्मृत  होते महान साहित्यकारों को समर्पित ) जीवन के फलक पर देखा है सभी ने आमद,यौवन और उतार अपनाबुढ़ापे  में बचपन याद आता होगाकभी यौवन में लिखी अधपकी रचनाएँकविता,कहानी और उपन्यासउलझे रहे सदा सेजीवन समीकरणों के... [पूरी पोस्ट]
writer माणिक

sahitya

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[07 Jun 2010 05:01 AM]

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