इस कोढ़ में कितनी खाज है!!

अपनी माटी मैं भूत बोल रहा हूँ..........!! दोस्तों,जब से झारखण्ड बना....इसे लेकर ना जाने कितने स्वप्न आँखों में जले और देखते ही देखते बुझ भी गए....लेकिन आखों के सपने ऐसे हैं कि कभी ख़त्म ही नहीं होते...और मुश्किल यह है कि कभी पूरे भी नहीं होने को आते....झारखण्ड का... [पूरी पोस्ट]
writer भूतनाथ

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[07 Jun 2010 05:40 AM]

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