ताकीद करने का ढंग एकदम से हथौड़े की मार जैसा न हो
च च च........। स्सारे लोगों को लालसा रहती है, हमारी पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों की दुआएं मिले, प्रतिक्रिया मिले. चाहे वह वरिष्ठ हो या कनिष्ठ. इस बात को लिखने के लिए हमें भी उत्साहित किया इस पोस्ट ने "तिकड़म से ही मिलती हैं टिप्पणि." बात सौ टके...
[पूरी पोस्ट]
सूर्यकान्त गुप्ता
30
3
0
3
3
[07 Jun 2010 13:24 PM]



Shuffle








