कुछ सुनती, कुछ कहती बातें........

योगेंद्र मौदगिल कुछ सुनती, कुछ कहती बातें.खामोशी से बहती बातें.हाय, ज़माना देख-देख कर,मन भीतर ही रहती बातें.सच कहना तो मुश्किल है भई,मुझको अक्सर कहती बातें.उन्हें समझना कठिन नहीं रे,सीमा में जो रहती बातें.ज्वालामुखी फूटता है तब,जब बातों को सहती बातें.सुन कर हवा-हवाई... [पूरी पोस्ट]
writer योगेन्द्र मौदगिल

ग़ज़ल

views
15
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
17
[07 Jun 2010 11:29 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix