त्रिपदिक नवगीत : नेह नर्मदा तीर पर ---- संजीव 'सलिल'
: अभिनव सारस्वत प्रयोग :
त्रिपदिक नवगीत : नेह नर्मदा तीर पर - संजीव 'सलिल' * नेह नर्मदा तीर पर, अवगाहन कर धीर धर, पल-पल उठ-गिरती लहर... *
कौन उदासी-विरागी,
विकल किनारे पर खड़ा?
किसका पथ चुप जोहता? निष्क्रिय, मौन, हताश है. या दिलजला निराश है? जलती आग पलाश...
[पूरी पोस्ट]
दिव्य नर्मदा divya narmada
9
1
1
0
3
[07 Jun 2010 10:48 AM]



Shuffle








