जहाँ हम मिले थे
जहाँ कुछ लम्हें, मेरा हिस्सा बन गए| जहाँ लम्हों में, सदियाँ गुज़ार गई थी| जहाँ तेरी कसक मेरी तलाश थी| जहाँ एक लहर समुन्दर बन गयी थी| जहाँ खुदी सिर्फ एक खिलौना थी| जहाँ वहम का वजूद नहीं था| जहाँ सही गलत के दायरे खोखले थे|...
[पूरी पोस्ट]
वीर
nazmthoughtsproseख्याल
7
0
0
0
0
[07 Jun 2010 06:27 AM]



Shuffle








