हिंदी आलोचना में निंदा पुराण के लिए कोई जगह नहीं
रविभूषण ♦ गिरीश मिश्र ने लिखा है, 'मैंने हिंदी भाषा और साहित्य का ज्ञान नहीं प्राप्त किया और न ही मैं डॉ नामवर सिंह के योगदान का मूल्यांकन करने में सक्षम हूं।' आलोचना उनके लिए 'हमला' है। नामवर सिंह की आलोचना करनेवाले हिंदी के लेखक उनके अनुसार 'हीन-भावना...
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अविनाश
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[07 Jun 2010 01:40 AM]



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