उड़न तश्तरी
मेरे घर के पिछवाड़े
ईसाइयों की सेमंट्री है
चारो ओर चारदीवारी से घिरा
बहुत बड़ा मैदान है
कंकरीली अनुपजाऊ मिट्टी
सैंजन के हजारों पेंड़
काफी दूरी पर एक मकान
गजब की मनहूसियत ! अभी मैं बत्तीस बरस की हूं
जब पिछले बरस मेरे
पति का देहान्त हो गया-
आठ बरस का...
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कल्किआन संवादाता
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[07 Jun 2010 01:32 AM]



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