माओवादी हिंसा के मौन समर्थक
माओवादी हिंसा ने देश को एक 'गंभीर संकट' में डाल दिया है। उनकी तरफ से आए दिन होने वाले हिंसात्मक हमले साबित करते हैं कि माओवादी अपनी वैचारिकता को छोड़ घृणास्पद हिंसा के रास्तों पर हैं। वे बेकसूरों को मार रहे हैं। रेल की पटरियां उखाड़-उड़ा रहे हैं। बंद...
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अंशुमाली रस्तोगी
नज़रिया
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[07 Jun 2010 00:28 AM]



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