प्रकांड, गैंडा और सरकंडा
संस्कृत की कण् धातु में निहित हिस्सा, शाखा, भाग, लघुतम अंश जैसे अर्थों से ही इसमें अध्याय या प्रसंग का भाव विकसित हुआ। घास प्रजाति के पौधे के लिए भी कांड शब्द प्रचलित हुआ जिसमें बांस से लेकर गन्ना भी शामिल है। किसी वृक्ष की शाखा, डाली अथवा तने को भी कांड...
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अजित वडनेरकर
सम्बोधन
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[06 Jun 2010 14:07 PM]



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