जब मित्र ने पहला झापड मारा - ताकत के संस्‍मरण - कुमार मुकुल

कारवाँ पिता के पढा लिखा कर नवाब बनाने के कायदों का नतीजा यह था कि जब मैं इंटर में गया तो एकदम ललबबुआ था। वह पिता के कडे प्रशासक वाली छवि का प्रभाव था कि मुझे कहीं दबकर नहीं रहना पडा। पर जीवन है तो आपको हर स्थिति का सामना कभी ना कभी करना पडता है और समय जीने के... [पूरी पोस्ट]
writer
views
15
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
0
[06 Jun 2010 12:38 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix