“व्यञ्जनावली-टवर्ग” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)
"ट""ट" से टहनी और टमाटर! अंग्रेजी भाषा है टर-टर! हिन्दी वैज्ञानिक भाषा है, सम्बोधन में होता आदर!! "ठ""ठ" से ठेंगा और ठठेरा! दुनिया में ठलुओं का डेरा! ठग लोगों को बहकाता है, तोड़ डालना इसका घेरा!! "ड""ड" से बनता डम्बिल-डण्डा! डलिया में मत रखना अण्डा!...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
कविता
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[06 Jun 2010 12:50 PM]



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