कैसी जुल्मी बनायी तैने नारी.......कि...... मारा गया ब्रह्मचारी..........सतीश पंचम.
मेरे यहां आज दुपहरीया आसमान में काले काले बादल जमा हो रहे थे। कुछ काले, कुछ श्यामल, कुछ उजले तो कुछ बेहद मटमैले। कुछ का आकार दैत्यों जैसा था तो कुछ पहाडों के होने का भ्रम दे रहे थे। एकाध को देख लग रहा था मानों कहीं आसमान में कोई आग जलाई गई है और उससे...
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सतीश पंचम
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[06 Jun 2010 12:21 PM]



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