हम तो शेरों को कुछ नहीं समझते फिर गीदड़ों की क्या बिसात....
ज्यादातर ब्लोग्गर्स का मानना है कि ब्लॉग जगत में गुटबाजी है...और हो भी क्यों नहीं यह मानवीय गुण है एक तरह की पसंद रखने वाले लोग एक साथ रहना पसंद करते हैं...अपने शहर में ही देखिये..हिन्दुओं का मोहल्ला और मुसलमानों का मोहल्ला जैसी जगहें देखने...
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'अदा'
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[06 Jun 2010 11:25 AM]



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