हम तो शेरों को कुछ नहीं समझते फिर गीदड़ों की क्या बिसात....

काव्य मंजूषा   ज्यादातर ब्लोग्गर्स का मानना है कि ब्लॉग जगत में गुटबाजी है...और हो भी क्यों नहीं यह मानवीय गुण है  एक तरह की पसंद रखने वाले लोग एक साथ रहना पसंद करते हैं...अपने शहर में ही देखिये..हिन्दुओं का मोहल्ला और मुसलमानों का मोहल्ला जैसी जगहें देखने... [पूरी पोस्ट]
writer 'अदा'
views
184
upvote
12
downvote
4
rating
8
comments
36
[06 Jun 2010 11:25 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix