डायरी
उसने साफ कियासारा घरखिड़की तक लटक आये जालेकोनों में जमी धूलसीलन भरे बक्से कोधूप तक दिखा आयीमगर खोला नहींबहुत दिनों सेकोने वाली बंद आलमारीदरअसलवो जुटाती रही हौसलासामना करने का/अतीत काजिंदगी के सफे से गायबउन पन्नों में लिखी इबारत काउस बन्द आलमारी मेंकैद...
[पूरी पोस्ट]
सौरभ के.स्वतंत्र
15
2
0
2
3
[06 Jun 2010 09:23 AM]



Shuffle








