रहस्य-हिन्दी शायरी
दौलत, शौहरत और ताकत का नशा भले चंगे को रास्ते से भटका देता है, शिखर पर पहुंचे हैं जो दरियादिल उनसे जज़्बाती हमदर्दी का उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि हो जाते हैं उनके सपने पूरे पर दर्द के अहसास मर जाते हैं। हाथ फैलायें खड़े हैं नीचे उनसे दया की आशा करने...
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दीपक भारतदीप
अभिव्यक्तिअनुभूतिdeepak bharatdeepदीपक भारतदीप
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[06 Jun 2010 08:28 AM]



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