अपनी जिंदगी-हिन्दी शायरी (apni zindagi-hindi shayari)

 दीपक भारतदीप की जागरण-पत्रिका यकीन करो दूसरों के अधिकार और उद्धार की लड़ाई लड़ने की बात जो करते हैं वह संजीदा नहीं है, क्योंकि उधार के ख्याल पर गुजारी है उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी। सारी उम्र लगा दी लोगों का भला करते हुए पर एक बंदा भी वह खुश नहीं दिखा सकते, ज़माने के कमजोर मोहरे ही सोच... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

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[06 Jun 2010 08:10 AM]

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