रविवार की सुबह..... जागो मोहन प्यारे..... -देव

मेरी दुनिया मेरा जहां.... बोलो जय राम जी की....मालिक आज सुबह सुबह फड्डा हो गया.... या यूँ कहें की फड्डे पे फड्डा हो गया.... यार बहु राष्ट्रीय कम्पनिओं की मार तो पहले ही पड़ी थी.... ससुरा रात में सोने में लेट हो गया और फिर सुबह सुबह जो घंटी बजाई वाच मैन ने की क्या कहूँ.... बोलता है... [पूरी पोस्ट]
writer देव कुमार झा
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[06 Jun 2010 00:35 AM]

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