अस्तित्व यानी सकलता
धरती -आकाश- सागर अलग अलग सेलगतें हैं मस्तिष्क को,अस्तित्व को नही ,सदियों से सत्य की खोज चलीआ रही है पर सत्य बेबूझ हैक्योंकि मस्तिष्क हर चीज बाँट कर देखता हैएक का एक अस्तित्व हीसत्य के आधीन हैअस्तित्व की सकलता हीसत्य की समझ है..............................
[पूरी पोस्ट]
Arun Khadilkar
12
0
0
0
1
[05 Jun 2010 21:15 PM]



Shuffle








