चित्रकार

आचार्य उसने कहा लाल...और मैं लाल हो गया ...उसने कहा पीला ...और मैं पीला हो गया ....वह कहती रही सफेद, हरा, नीला, धामनी, और मैं हर रंग मे रंगता रहा ...वो तो मुझे बाद में समझ आया वो एक कुशल चित्रकार थीजो अपने फायदे के रंग लेकर एक दिन कहीं उड़ गई....... [पूरी पोस्ट]
writer acharyakeshav

धामनी

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[05 Jun 2010 14:25 PM]

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