निकानोर पार्रा की कविता - मर जाएगी कविता
मर जाएगी कविताकविता मर जाएगीअगरउसेतकलीफ न दो लेकर केगिरफ्त में, तोड़ना होगाउसका दर्प सरेआम फिर दिखेगाक्या करती है वह। ..........(मूल स्पेनिश से यह सुन्दर अनुवाद श्रीकांत का है. श्रीकांत को नई बात की ओर से स्नेहिल बधाई कि उनकी एक अच्छी कहानी “धरती के भीतर...
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चन्दन
कविता
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[05 Jun 2010 10:01 AM]



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