सोचो-सोचो !!
सिर्फ मुद्दा उठाने व चिंता व्यक्त कर देने भर से,क्या सोचते हो देश-तंत्र सुधर जाएगा ?जाने-अनजाने ये विनाश का बीज जो बो रहे है,क्या पौधा बनके हमारे ही समक्ष आयेगा?सोचो-सोचो !लिख देने या फिर किसी एक के कहने भर से,क्या यह देश कभी सुधरने वाला है ?देश सुधारने...
[पूरी पोस्ट]
पी.सी.गोदियाल
my lyrics
51
7
0
7
17
[05 Jun 2010 07:05 AM]



Shuffle








