बदलती तस्वीर

sameeksha ये है दुनिया की बदलती तस्वीरकभी था आपस में सद्भावपरिवार में था एका नहीं था टकरावबच्चों से रहता था घर  गुलज़ारक्यों न हो होता था जो संयुक्त परिवारपर ये तो रही बीते दिनों की बातअब तो परिवार शतरंज बिछते है बिसातकौन किसको पछाड़े और बिगाड़े बनते हुए... [पूरी पोस्ट]
writer ana

kavita

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[05 Jun 2010 07:00 AM]

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