प्रकृति का 'दोहन' नहीं 'संरक्षण' की ज़रूरत (5 जून विश्व पर्यावरण विशेष)
वृक्ष धरा का हैं श्रंगार.इनसे करो सदा तुम प्यार.इनकी रक्षा धर्म तुम्हारा.ये हैं जीवन का आधार..(कमल सोनी)>>>> 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस है. प्रकृति के अंधाधुंध दोहन ने हालात ख़राब कर दिया है, हम अपने स्वार्थ में आने वाली पीढ़ी की चिंता नहीं कर रहे हैं....
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ABHIVYAKTI
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[05 Jun 2010 05:09 AM]



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