अधूरी प्रेमकथायें

असुविधा  (पिछली कविता पर जो प्रतिक्रियायें आईं उनमें एक 'शाक' का तत्व था…एक नियमित पाठिका ने मेल किया…'अशोक जी, इतना सच नहीं कहते भाई…कमेन्ट नहीं दे पाऊंगी'…ख़ैर मुझे लिखते समय भी शाक लगा ही थी तो यह अनपेक्षित नहीं था। इसी बीच भोपाल के भाई रितेश से बात के... [पूरी पोस्ट]
writer अशोक कुमार पाण्डेय

कविता

views
24
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
17
[05 Jun 2010 01:36 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix