हमने तो भगवान को बेदिल ही देखा है

राजतन्त्र इंसानों की बस्ती में भी तंहा हैं हम वो इसलिए की सबसे जुदा हैं हम हमें सताते हैं सबके गम हो जाती हैं हमारी आंखे नम दुनिया में इतना दर्द देखा है अपना दर्द बहुत कम लगता है कहते हैं मर्द को दर्द नहीं होता है लेकिन हमने ऐसा मर्द नहीं देखा है जिसके दिल में... [पूरी पोस्ट]
writer राजकुमार ग्वालानी

दर्द

views
23
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
3
[04 Jun 2010 23:38 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix