अंधा भिखारी
मक्का को जानेवाले हजयात्रियों के मार्ग पर एक अंधा भिखारी बैठा भीख मांग रहा था. एक धर्मपरायण यात्री ने उसके पास आकर उससे पूछा – “बाबा, क्या यहां से गुज़रनेवाले यात्री हमारे प्यारे रसूल के फ़रमान पर अमल करते हुए मुनासिब दान दे रहे हैं?”...
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Nishant
दानविविध कथाएँ
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[04 Jun 2010 21:30 PM]



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