पिता और परमपिता

पिताजी पिता दो होते हैं. एक पार्थिव शरीर का जनक और  दूसरा अपार्थिव शरीर का.एक पिता  होता है और दूसरा परमपिता. पिता पुत्र से कुछ पाना चाहता है. वह जानता है कि उसने जिसे जीवन दिया है, वह उसे कुछ न कुछ तो देगा ही. धन, यश या सुरक्षा. बहुत लोभी पिता पुत्र... [पूरी पोस्ट]
writer डा.सुभाष राय

maatri jyoti dipak pita

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[04 Jun 2010 16:29 PM]

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